पंडरिया विधानसभा के थाना कुकदूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कामठी में धार्मिक आस्था से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आने के बाद गांव का माहौल गरमा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित सीसीटीवी वीडियो के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि हनुमान जयंती पर भगवान हनुमान को अर्पित किए गए चोला और लागोट के साथ छेड़छाड़ की गई। हालांकि, पूरे प्रकरण की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही संभव होगी।
जानकारी के अनुसार, हनुमान जयंती के अवसर पर गांव के हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान को चोला और लागोट अर्पित किए थे। मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर था। ग्रामीणों के मुताबिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
लेकिन 4 अप्रैल 2026 को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला मंदिर परिसर के भीतर मूर्ति के समीप दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों का है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर में चार कैमरे स्थापित हैं और संबंधित फुटेज की जांच की जा रही है।
कुछ लोगों द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि अर्पित वस्त्रों को हटाकर जलाया गया। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम स्पष्ट हो सके।
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। कई ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। वहीं, यह भी चर्चा में है कि गांव में पहले से दो पक्षों के बीच आपसी विवाद चला आ रहा है, जिससे इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं।
प्रशासन ने स्थिति को संवेदनशील मानते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।
फिलहाल, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज की प्रमाणिकता, समय और घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। गांव में पुलिस की सतर्क निगरानी बनी हुई है ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।