पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विष्णु देव साय ने 57 करोड़ 93 लाख 32 हजार रुपये की लागत से 57.415 किलोमीटर लंबाई की 27 सड़कों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। यह भूमिपूजन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जशपुर से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ा गया।
पंडरिया के दूरस्थ एवं आदिवासी बाहुल्य वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से सड़क संपर्क की कमी विकास में बड़ी बाधा रही है। नई स्वीकृत इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन और रोजगार के अवसरों तक ग्रामीणों की पहुंच सरल होगी।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत 27 सड़कों में भेलकी मुख्य मार्ग से चुलटोला, दमगढ़ से लुढूटोला, बिरहुलडीह से करालू, छिन्दीडीह से टिकराटोला, भेड़ागढ़ से बैगापारा और पैलपार से गोरखपुरखुर्द सहित कई बहुप्रतीक्षित मार्ग शामिल हैं।
इन सड़कों के निर्माण से वनांचल क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, किसानों को अपनी उपज परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा विद्यार्थियों और मरीजों को समय पर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। शासन का दावा है कि आने वाले समय में सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से पंडरिया विधानसभा तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर होगी।
स्थानीय ग्रामीणों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण होंगे और वनांचल की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होंगे।