छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने आयोजित पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और परिसीमन को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।
नवीन जायसवाल ने कहा कि भाजपा द्वारा 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश किया गया विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि वह परिसीमन संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून में बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव था, जिसे महिला आरक्षण का आवरण देकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (128वां संविधान संशोधन) पहले ही संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। इसके बावजूद भाजपा द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध किया, जो पूरी तरह निराधार और भ्रामक है।
जायसवाल ने नई जनगणना और संभावित जाति जनगणना के संदर्भ में भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब 2026-27 में नई जनगणना प्रस्तावित है और केंद्र सरकार स्वयं जाति जनगणना की बात कर चुकी है, तो फिर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की जल्दबाजी क्यों? उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक सुविधा के अनुसार सीटों के पुनर्गठन की रणनीति बताया।
पत्रकारवार्ता में पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है तो उसे 543 लोकसभा सीटों पर तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को आशंका है कि निष्पक्ष आरक्षण व्यवस्था में उसकी राजनीतिक स्थिति कमजोर पड़ सकती है।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत ने दावा किया कि हाल में लाए गए विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल था और परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया, जो राजनीतिक दृष्टि से संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि यह कदम जनसंख्या संतुलन के बजाय राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर उठाया गया प्रतीत होता है।
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी ने केंद्र सरकार पर पिछले 12 वर्षों से भ्रम और प्रचार की राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं युवा नेता तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को मिला आरक्षण कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों का परिणाम है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी, पी.वी. नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सदैव महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि परिसीमन के जरिए सत्ता संतुलन बदलने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश में भ्रम का वातावरण बनाना चाहती है, जिसे कांग्रेस हर स्तर पर उजागर करेगी।