राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को कबीरधाम जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों और उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीण अपने-अपने गांवों के विकास, शासकीय योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ग्राम सभा में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को सक्रिय सहभागिता के साथ मनाया जाए। ग्राम सभा के माध्यम से गांवों में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।
ग्राम सभाओं में माननीय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का संदेश भी ग्रामीणों को सुनाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हुए ग्रामीणों को निर्णय प्रक्रिया में सीधे शामिल किया जाए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत लखपति दीदियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में प्रेरणा मिलेगी।
विशेष ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जैसी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। अधूरे कार्यों की स्थिति पर चर्चा कर समयबद्ध पूर्णता के लिए रणनीति बनाई जाएगी। जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों से सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त “संपदा एप्प” के माध्यम से ग्राम की समस्त सार्वजनिक संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की कार्रवाई भी की जाएगी, जिससे पंचायतों में पारदर्शिता बढ़े और संपत्तियों का व्यवस्थित प्रबंधन हो सके।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1993 में 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था। इसी के तहत प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। इस बार जिले में होने वाली विशेष ग्राम सभाओं को ग्रामीण विकास और जनभागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।