कवर्धा, भाजपा शासन के द्वारा चलाए जा रहे तथाकथित सुशासन तिहार को लेकर विपक्ष में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा के पूर्व प्रवक्ता गौतम शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कार्यक्रम असल में “शिकायत तिहार” बनकर रह गया है।
गौतम शर्मा ने कहा कि जनता का असंतोष इस सरकार के विरुद्ध साफ दिख रहा है। बेरोजगार युवा अब सीधे प्रदेश के वित्त मंत्री को हटाने की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार आत्ममुग्ध होकर अपनी पीठ थपथपा रही है और सुशासन का दावा कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनता सुशासन की तलाश में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। प्रदेश में लगातार लूट, हत्या और मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
गौतम शर्मा ने कहा, “यह कैसा सुशासन तिहार है? यह तो स्पष्ट रूप से कुशासन का उत्सव बन गया है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ग्रामीण इस कार्यक्रम का उपयोग अब अपनी मनचाही मांगें जैसे मनचाही शादी, बाइक दिलवाने जैसी मांगों को लेकर कर रहे हैं और प्रशासन को आंख दिखा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा शासन में सुशासन की उम्मीद करना ही बेवकूफी है। यहां समस्याओं का समाधान नहीं, सिर्फ दिखावा है।”