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समाज की रीढ़ को सशक्त कर रहा महतारी सदन: गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता भूमिजा गबेल का ज़ोर

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कवर्धा,
महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली कदम के रूप में उभर रहे महतारी सदन भवनों का निर्माण कार्य कवर्धा ज़िले में तेज़ी से प्रगति पर है। अधीक्षण अभियंता भूमिजा गबेल ने बुधवार को कवर्धा ज़िले में निर्माणाधीन महतारी सदनों का निरीक्षण किया और संबंधित ठेकेदारों एवं अभियंताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।

बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य स्थानीय ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए किए जाएं ताकि इन भवनों का प्रभावी उपयोग हो सके।
कवर्धा ज़िले में कुल 13 महतारी सदन भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। यह भवन पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए विशेष सुविधाओं से युक्त होंगे, जहाँ वे स्व-सहायता समूहों की बैठकों, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परामर्श, महिला अधिकारों से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों आदि में भाग ले सकेंगी।
महिलाओं के उत्थान की नई पहल
महतारी सदन न केवल महिलाओं को एक सुरक्षित और सुविधायुक्त स्थान प्रदान करेगा, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व विकास का केन्द्र भी बनेगा। यह सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गांव और पंचायत स्तर पर महिलाओं को संगठित कर उनके अधिकारों और भागीदारी को मजबूत बनाना है।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस निरीक्षण और समीक्षा बैठक में ईई आर.ई.एस. सुरेन्द्र पटेल, एसडीओ मनोज सोनी, अन्य उप अभियंता एवं सभी ठेकेदार शामिल रहे। सभी को निर्माण की पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भूमिजा गबेल ने अंत में कहा कि “महतारी सदन केवल भवन नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और आत्मबल का प्रतीक है। इनका प्रभाव गाँव-गाँव तक पहुँचे, यह हमारी ज़िम्मेदारी है।”

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