एक तरफ़ बेटा नशे में चूर होकर गाली देता रहा… दूसरी तरफ़ पिता का सब्र का बाँध टूट गया। फिर जो हुआ, उसने पूरे गांव को हिला कर रख दिया।
ग्राम कंचनपुर में रात 11 बजे की एक दिल दहलाने वाली घटना ने रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए। 55 वर्षीय शिवचरण श्रीवास ने अपने ही बेटे भोला को बांस के डंडे से बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला। और चाचा राजेन्द्र ने डंडा छिपाकर इस अपराध को ‘अज्ञात हमले’ का रूप देने की कोशिश की।
लेकिन मुंगेली पुलिस की तेज़ और धारदार जांच के आगे साज़िश का पर्दाफाश ज्यादा देर नहीं टिक सका।
कैसे हुआ खुलासा?
पिता ने गांव के कोटवार को बताया कि कोई “अज्ञात” शख्स उसके बेटे की हत्या कर गया है। पुलिस ने मर्ग कायम किया—but यहां से शुरू हुआ असली खेल।
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के नेतृत्व में जब जांच टीम ने परिजनों से बारीकी से पूछताछ की, तो धीरे-धीरे हकीकत सामने आने लगी। गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और पिता की बॉडी लैंग्वेज—सब कुछ चिल्ला कर कह रहा था कि कहानी में कोई झोल है।
पूछताछ में उगले कड़वे सच
शिवचरण ने कबूल किया—”मेरा बेटा शराब पीकर रोज गाली देता था… उस रात उसने मेरा गला पकड़ लिया। मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया… और बांस से मार दिया।”
चाचा राजेन्द्र ने भी कबूल किया कि उसने डंडा उठाकर पुलिया के नीचे छिपा दिया था।
पुलिस की फुर्ती और चौंकाने वाला खुलासा
घटना के महज़ 24 घंटे के अंदर थाना पथरिया की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। हत्या में इस्तेमाल बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया।
इस हाई प्रोफाइल केस को सुलझाने में निरीक्षक रघुवीर लाल चन्द्रा और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका को विशेष सराहना मिल रही है।
लोग कह रहे हैं: “ऐसे ही तेज़ हो पुलिस, तो हर गुनाहगार थर-थर कांपे।”
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