जिला प्रशासन और सुरक्षा तंत्र को गुमराह कर कवर्धा जिला कार्यालय में घुसपैठ की चौंकाने वाली कोशिश को कबीरधाम पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। बीती रात तीन व्यक्ति खुद को डिप्टी कलेक्टर और स्टेनो बताकर जिला कार्यालय में प्रवेश का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सतर्क सुरक्षा गार्ड और त्वरित पुलिस कार्रवाई से उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 जून की रात लगभग 9:30 बजे, जिला कार्यालय कवर्धा के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड को तीन संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। वे खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर परिसर में प्रवेश करना चाह रहे थे और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से अनुचित पूछताछ कर रहे थे।
कार्रवाई, फर्जीवाड़ा उजागर
सूचना मिलते ही कवर्धा थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उनकी पहचान निम्नानुसार हुई:
1. सम्मी ठाकुर पिता कोमल सिंह ठाकुर, निवासी भिलाई, जिला दुर्ग – (फर्जी डिप्टी कलेक्टर)
2. शुभलाल राजपूत पिता देवी सिंह राजपूत, निवासी पटेवा, थाना घुमका, जिला राजनांदगांव – (ड्राइवर)
3. दुर्गेश सिंह राजपूत पिता लाल सिंह राजपूत, निवासी खैरबना कला, थाना कवर्धा – (फर्जी स्टेनो)
प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया कि उक्त तीनों व्यक्तियों का किसी शासकीय पद या सेवा से कोई संबंध नहीं है। वे केवल झूठा परिचय पत्र और झूठे दावे के आधार पर प्रशासनिक तंत्र में भ्रम फैलाने और घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।
अधिकारियों को भी किया गुमराह, FIR दर्ज
इस पूरी घटना की रिपोर्ट सहायक जिला नाजीर अनमोल शुक्ला ने थाना कवर्धा में दर्ज कराई। इस आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 248/2025 अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रशासनिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल
गौरतलब है कि महज दो महीने पहले जिला कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भी मिला था, जिसकी अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई थी। अब यह फर्जी अफसर घुसपैठ मामला प्रशासनिक सुरक्षा और सतर्कता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। पुलिस को इस बार भी आवेदक की अनुपलब्धता के कारण कठिनाई हुई, और बमुश्किल सहायक नाजीर को आवेदनकर्ता बनाया गया।
कबीरधाम पुलिस की अपील और चेतावनी
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल के मार्गदर्शन, एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी कवर्धा के नेतृत्व में संपन्न हुई।