जिले के वरिष्ठ पत्रकार उत्तम चंद्रवंशी को पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस के विरोध में सोमवार को कवर्धा रेस्ट हाउस में जिलेभर के पत्रकारों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस कार्रवाई की तीव्र निंदा करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
पत्रकारों ने कलेक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और पेट्रोल पंप संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में जिले के समस्त पेट्रोल पंपों की मापतौल, ब्रांडिंग और उपभोक्ता सुविधाओं की निष्पक्ष जांच शामिल रही।
क्या है मामला? पत्रकार उत्तम चंद्रवंशी ने हाल ही में बिलासपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर स्टिंग ऑपरेशन कर पेट्रोल में घटतौली का खुलासा किया था। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि ग्राहकों को निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल दिया जा रहा है।
स्टिंग के बाद नापतौल विभाग ने जांच तो की, लेकिन पेट्रोल पंप संचालक को क्लीन चिट दे दी। इसके उलट, पेट्रोल पंप संचालकों ने पत्रकार पर झूठे आरोप लगाकर एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा।
पत्रकारों की मांग
पत्रकार के विरुद्ध झूठी शिकायतें तत्काल वापस ली जाएं।
पेट्रोल पंप की निष्पक्ष जांच दोबारा की जाए।
जिले के सभी पेट्रोल पंपों की मापने की मशीन, सुविधा व ब्रांडिंग की जांच हो।
पत्रकारों को डराने-धमकाने की हरकतों पर तत्काल रोक लगे।
प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला पत्रकारों ने इस पूरी कार्रवाई को प्रेस की आजादी पर सीधा हमला बताया और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत कहा। बैठक में सभी पत्रकार संगठनों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की गई।
इस घटनाक्रम ने जिले में पत्रकार समुदाय को झकझोर दिया है और अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।