वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की सक्रियता रंग ला रही है। सोनाखान परिक्षेत्र के असनींद परिसर में अवैध शिकार के इरादे से घुसे दो युवकों को वन विभाग की गश्ती टीम ने धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशन में चल रही नियमित रात्रिकालीन गश्त के दौरान 29 जुलाई की रात, असनींद परिसर के कक्ष क्रमांक 196 आरएफ के पास दो संदिग्धों को पकड़ा गया। ये दोनों ग्राम बहेराभाठा व असनींद (कसडोल) के निवासी हैं — जितेन्द्र कुमार बरिहा (20) एवं प्रमोद कुमार बरिहा (20)। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल (सीजी 06 एचबी 9589) से वन क्षेत्र में शिकार की मंशा से प्रवेश कर रहे थे।
गश्ती दल ने मौके पर ही उनके पास से तीर-कमान, टॉर्च, मोंगरी, चादर जैसी शिकार में उपयोग की जाने वाली सामग्री जब्त की। इन पर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं संशोधित अधिनियम 2022 की धाराएं 9, 50, 51 के तहत पीओआर क्रमांक 15639/15 दर्ज कर कार्रवाई की गई।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने स्पष्ट किया कि वन मंत्री के निर्देशानुसार जंगलों की रक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान परिक्षेत्र अधिकारी सोनाखान सुनीत साहू, प्रशिक्षु आरएफओ नवीन वर्मा, प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल दीपक कौशिक, परिसर रक्षी बुधेश्वर दिवाकर, अश्वनी साहू सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।
वन्यजीव सुरक्षा को लेकर विभाग की तत्परता और सख्ती एक स्पष्ट संदेश दे रही है कि अवैध शिकार जैसी गतिविधियों के लिए अब जंगलों में कोई जगह नहीं।