कबीरधाम जिले के विकासखंड पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंडीडीह के आदिवासी बहुल टोला बैगा बस्ती आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामवासियों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन को कई बार आवेदन दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामवासियों द्वारा अधीक्षण अभियंता (वितरण) विद्युत विभाग कवर्धा को पुनः ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा साझा की गई। ग्रामीणों ने बताया कि छिंडीडीह के देवानपटनपुर में बिजली की व्यवस्था है, जबकि बैगा बस्ती महज 1 किमी दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद वहां बिजली लाइन नहीं पहुंचाई गई, जिससे आदिवासी परिवार आज भी अंधेरे में जीवन यापन को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने पहले भी कई बार लिखित रूप से बिजली की मांग की, लेकिन आज तक किसी भी आवेदन पर विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामवासियों ने इसे जनजातीय समुदाय के साथ अन्याय बताया है और कहा है कि सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ मिलने के बावजूद बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्राम पंचायत उपसरपंच, पंच, सचिव व ग्रामीणों के हस्ताक्षर सहित दिए गए आवेदन में प्रशासन से मांग की गई है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द बैगा बस्ती में बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य बिंदु
छिंडीडीह की बैगा बस्ती आज भी बिजली से वंचित
केवल 1 किमी की दूरी पर है विद्युत व्यवस्था
कई बार आवेदन देने के बावजूद समाधान नहीं
आदिवासी समुदाय प्रशासनिक उपेक्षा से आहत
ग्रामीणों की मांग
“हम बैगा जनजाति के लोग प्रशासन से निवेदन करते हैं कि हमारी बस्ती में तत्काल बिजली व्यवस्था की जाए, ताकि हमें अंधेरे और परेशानी से राहत मिल सके।”