धान खरीदी सीजन से पहले कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग के अफसरों की जमकर क्लास ली। साफ शब्दों में चेताया कि 30 सितम्बर तक जिले के हर किसान का एग्रीस्टेक पंजीयन हर हाल में पूरा होना चाहिए, वरना जिम्मेदार अधिकारी तय कर कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने कहा कि आरईओ खुद किसानों से संपर्क कर पंजीयन सुनिश्चित करें, किसी भी पात्र किसान को पंजीयन के अभाव में धान खरीदी से वंचित करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। अब तक 1 लाख 18 हजार 419 किसानों का पंजीयन हो चुका है, जिनमें से 1 लाख 11 हजार 81 को अनुमोदन मिल गया है। शेष किसानों का काम तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कृषि केंद्रों में रखी दवाइयों की गुणवत्ता, मूल्य और एक्सपायरी डेट की जांच सघनता से कराने के आदेश दिए। एक्सपायरी दवा मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। किसानों को सही समय पर सही दवा मिले इसके लिए प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए।
फसल कटाई प्रयोग पर भी कलेक्टर ने सख्त रुख दिखाया। कहा कि अब यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप से होगी और इसमें पटवारी, आरईओ, गांव के किसान और ग्रामीणों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी। उन्होंने चेताया कि फसल कटाई प्रयोग सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने की अहम प्रक्रिया है, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
जिले में किसानों की सुविधा के लिए 22 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही नया खाद रैक उपलब्ध हो गया है, जिसे गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आरईओ को सौंपी गई है। कलेक्टर ने दो टूक कहा – किसानों को समय पर खाद और समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।