कवर्धा, नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी मंदिरों में बढ़ती भीड़ के बीच कई बच्चे भिक्षावृत्ति में पाए जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है।
अभियान के तहत मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन और विशेष किशोर पुलिस इकाई की संयुक्त टीम ने शहर के मंदिरों, पंडालों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। टीम ने बच्चों की पहचान कर उनके पुनर्वास की योजना बनाई।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव ने बताया कि माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करने और भिक्षा मांगने से रोकने की सलाह दी जा रही है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे भिक्षा देने के बजाय बच्चों की पढ़ाई और पुनर्वास में सहयोग करें।
टीम द्वारा स्थानीय पुलिस और समाजिक संगठनों के सहयोग से बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी भ्रमण किया जा रहा है। आम जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी बच्चे को भीख मांगते देखा जाए तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 76 और 77 के तहत बच्चों को भीख मंगवाने या नशीली चीज़ें देने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
अभियान नवरात्रि के बाद भी जारी रहेगा ताकि बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे और उन्हें शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएँ मिल सकें। जिले में सुबह और शाम दो पाली में टीमों को मंदिर और पब्लिक प्लेस में तैनात किया गया है।