कवर्धा जिले में 24 सितंबर को हुई एक भयावह घटना—एक आदिवासी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म—के विरोध में आदिवासी समाज ने जिले में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। यह प्रदर्शन दिनांक 30 सितंबर, मंगलवार, सुबह 11 बजे रानी दुर्गावती चौक के पास आयोजित किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान समाज के लोग डीजे और बुलडोजर के साथ एकजुट होकर अपनी मांगों की पैरवी करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य है कि दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन के बाद, समाज की ओर से आरोपियों के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
इस घटना ने पूरे जिले और राज्य के आदिवासी समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रदर्शन के आयोजक श्री राजेश सिंह छेदावी ने बताया कि यह केवल स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी और न्याय की मांग बन चुकी है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि घटना में शामिल आरोपी पर कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से होगा, लेकिन अगर प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और भी व्यापक स्वरूप ले सकता है।
श्री राजेश सिंह छेदावी ने कहा:
“हम न्याय की मांग कर रहे हैं। हमारी बेटियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।”