मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जिले में सुशासन तिहार 2026 की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा, आवेदन प्राप्ति से लेकर समयबद्ध निराकरण और शिविरों के सफल संचालन तक विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर आवेदक को सहज, पारदर्शी व प्रभावी सेवा मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 22 से 24 अप्रैल तक सभी 8 तहसील और 1 उप-तहसील कार्यालयों में आवेदन लेने के लिए सुव्यवस्थित काउंटर और स्थान निर्धारित रहें, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। गांवों में कार्यक्रम की जानकारी मुनादी के माध्यम से दी जाएगी। गर्मी को देखते हुए शिविर स्थलों पर छाया, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉल व आवश्यक दवाओं के साथ काउंटर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी कर संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर रहेगा।
तिथिवार कार्यक्रम
22 से 24 अप्रैल 2026 – तहसील/उप-तहसील कार्यालयों में आवेदन प्राप्ति
25 से 26 अप्रैल 2026 – जनपद पंचायतवार आवेदनों की स्क्रूटनी
27 से 30 अप्रैल 2026 – आवेदनों का निराकरण
01 मई से 10 जून 2026 – जन समस्या निवारण शिविर (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक)
शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति और निराकरण की जानकारी दी जाएगी। साथ ही शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुशासन तिहार के तहत भूमि संबंधी प्रकरण—नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन—का प्राथमिकता से निपटारा होगा। इसके अलावा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, बिजली ट्रांसफार्मर, हैंडपंप सुधार, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल, एडीएम श्री विनय पोयाम, अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैंकरा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है—समाधान आपके द्वार, पारदर्शिता के साथ।