आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले ने एक नई मिसाल पेश की है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर “बिहान स्वदेशी बाजार” का आयोजन 16 से 18 अक्टूबर तक वीर सावरकर भवन, कवर्धा में किया गया। “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” के संदेश को मूर्त रूप देते हुए यह बाजार स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और सृजनशीलता का प्रतीक बन गया है।

इस बाजार में मिट्टी की मूर्तियां, पारंपरिक दीये, बांस से बनी उपयोगी वस्तुएं, ऑर्गेनिक मसाले, कोदो-कुटकी, ब्लैक राइस, नमकीन, कुकीज, पापड़-बड़ी और अन्य स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर रंगीन दीये, खाद्य गिफ्ट हैंपर और सजावटी वस्तुओं की मांग ने स्वदेशी उत्पादों की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम ने बताया कि दो दिनों में ही 30,000 रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है, जो ग्रामीण महिला उद्यमिता के उभरते आत्मविश्वास का प्रमाण है।







