कवर्धा , जिले के सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर (ठाठापुर ) के बांधिया बड़े तालाब में मनरेगा योजना अंतर्गत वर्ष 2024 में स्वीकृत टू वाल वाटर आउटलेट सह पिचिंग वर्क को लेकर अब गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिचिंग कार्य अब तक अधूरा है, जबकि वाल वाटर आउटलेट का निर्माण पूर्ण बताया गया था। निर्माण कार्य भारी बरसात के दौरान कराया गया, जिससे इसकी गुणवत्ता को लेकर प्रारंभ से ही संदेह व्यक्त किया जा रहा था।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार निर्माण स्थल की स्थिति और उपयोग की गई सामग्री को लेकर शुरू से ही तकनीकी मजबूती पर सवाल थे। अब पहली ही बरसात में आउटलेट में दरारें उभर आने से कार्य की गुणवत्ता और निगरानी प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
मनरेगा दिशा–निर्देशों के अनुसार,
✅ कार्य स्थल पर नागरिक सूचना पटल (Citizen Information Board) प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि लागत, स्वीकृति, कार्यकाल तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक रहे।
✅गुणवत्ता निगरानी के लिए तकनीकी अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण अनिवार्य है।
✅सामग्री आधारित कार्यों में पारदर्शिता, कार्यस्थल पर मस्टर रोल, स्वीकृति विवरण और फोटोग्राफिक रिकॉर्ड अनिवार्य है।
लेकिन मौके पर नागरिक सूचना पटल तक नहीं लगाया गया, जो मनरेगा के पारदर्शिता प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों में यह भी कहा जा रहा है कि निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण प्रक्रियाओं में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती गई। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला या राज्य स्तरीय स्वतंत्र जांच टीम गठित की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और संबंधित जिम्मेदारियों का निर्धारण हो।
यह मामला प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के गृह ग्राम से जुड़ा होने के कारण भी चर्चा में है, और स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि इसकी जांच निष्पक्ष तथा नियमानुसार हो, ताकि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की विश्वसनीयता बनी रहे।
ग्रामीणों की मांग है कि यदि निर्माण कार्य की तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक समीक्षा की जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।








