गौवंश का क्रूरतापूर्वक वध कर मांस विक्रय करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सिमगा पुलिस ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में विधि से संघर्षरत 02 बालक भी शामिल हैं। आरोपियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर गौवंश को काटकर बेचने की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था, जिससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ था।
मामले की शुरुआत ग्राम कोलिहा निवासी करण निषाद की रिपोर्ट से हुई। प्रार्थी ने दिनांक 02.04.2026 को थाना सिमगा में शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम कोलिहा और मांढर के बीच खार में एक गौवंश का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला है, जिसे अज्ञात आरोपियों द्वारा बेरहमी से काटा गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इससे पहले ग्राम अडबंधा मेन रोड एवं दरचुरा क्षेत्र में भी इसी प्रकार गौवंश वध की घटनाएं हो चुकी थीं।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 10, 11 के तहत कुल 03 अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र के सभी संभावित मार्गों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही आसपास के गांवों—गणेशपुर, विश्रामपुर एवं अन्य क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।
जांच के दौरान विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि ग्राम गणेशपुर के कुछ युवक गौवंश वध कर मांस विक्रय करने की गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना मिलते ही सिमगा पुलिस ने त्वरित दबिश देकर 04 आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कोलिहा-मांढर के बीच, अडबंधा तथा दरचुरा में गौवंश को काटकर विक्रय करने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपियों में
राजीव मसीह उर्फ बॉबी (22 वर्ष) निवासी ग्राम गणेशपुर थाना सिमगा
पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को दिनांक 06.04.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। विधि से संघर्षरत बालकों के मामले को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है।
लगातार हो रही गौवंश वध की घटनाओं से ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि यह भी बड़ा सवाल है कि आखिर इतने दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर वारदात को अंजाम दिया जाता रहा और स्थानीय स्तर पर इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। थाना सिमगा पुलिस का कहना है कि गौवंश से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।