अक्टूबर माह में घटित मादा गौर शिकार प्रकरण में फरार चल रहे दो आरोपियों को वन विभाग ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, वन मंडल बलौदा बाजार के वन परिक्षेत्र अर्जुनी प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध किया गया था। घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। सतत निगरानी, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और विशेष गश्त के जरिए संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही थी।
लगातार प्रयास और प्रभावी रणनीति के परिणामस्वरूप वन विभाग को यह सफलता मिली। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन कुमार साहू, परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी सुश्री रुपेश्वरी दीवान, पार्थ शर्मा तथा बीट अधिकारी ललित कुमार वर्मा, भानुप्रताप आजाद एवं श्री संदीप माथुर की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वन विभाग की इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।