कवर्धा। शहर के दर्रीपारा स्थित स्टेट बैंक के समीप दिनदहाड़े एक बुजुर्ग से 3 लाख 50 हजार रुपये की लूट की घटना ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बैंक परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बीच हुई इस वारदात से आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, एक बुजुर्ग अपने निजी कार्य के लिए बैंक से 3.50 लाख रुपये निकालकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे एक युवक ने उनके हाथ से रुपयों से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार होने का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से बुजुर्ग घबरा गए और शोर मचाने लगे।
बुजुर्ग की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने साहस का परिचय देते हुए आरोपी का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। यदि स्थानीय लोग तत्परता नहीं दिखाते, तो आरोपी आसानी से फरार हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है तथा यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
हालांकि, दिनदहाड़े बैंक के पास हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम हैं? शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? यदि भीड़ मौजूद नहीं होती तो बुजुर्ग की मेहनत की कमाई का क्या होता?
लगातार सामने आ रही चोरी, लूट और आपराधिक घटनाओं के बीच नागरिकों का कहना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों में भय का वातावरण समाप्त हो सके और अपराधियों के हौसलों पर अंकुश लगाया जा सके।