कवर्धा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम बोहील से झूमर तक निर्माणाधीन करीब 3.74 किलोमीटर सड़क की गुणवत्ता को लेकर तकनीकी सवाल खड़े हो गए हैं। 392.39 लाख रुपये की स्वीकृत लागत वाली इस सड़क का निर्माण 25 मार्च 2026 से शुरू हुआ है और इसे 12 माह में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। निर्माण के शुरुआती चरण में ही पुलिया की फाउंडेशन की गहराई को लेकर सामने आई स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत के आधार पर सड़क के आरडी 1370 मीटर के पास निर्माणाधीन पुलिया की फाउंडेशन की जांच की गई। यह जांच एसडीओ त्यागी की मौजूदगी में सरपंच एवं पंचों के समक्ष की गई। उपलब्ध जांच नोट में फाउंडेशन की गहराई अलग-अलग स्थानों पर अलग दर्ज होने का उल्लेख है। एक स्थान पर करीब 0.45 मीटर, जबकि दूसरे हिस्से में करीब 0.93 मीटर गहराई दर्ज की गई।
जांच के दौरान खुदाई में करीब 1.3 मीटर तक हार्ड रॉक नहीं मिलने तथा करीब 1.8 मीटर की गहराई पर हार्ड रॉक अथवा बोल्डर मिलने की स्थिति भी दर्ज की गई है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि पुलिया की फाउंडेशन किस तकनीकी आधार पर निर्धारित गहराई तक तैयार की गई और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप विभागीय इंजीनियरिंग निर्णय क्या रहा।
करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में फाउंडेशन जैसे महत्वपूर्ण हिस्से में गहराई का अंतर सामने आना महज तकनीकी औपचारिकता का विषय नहीं माना जा सकता। फाउंडेशन की मजबूती सीधे तौर पर पुलिया और सड़क की दीर्घकालिक गुणवत्ता से जुड़ी होती है। इसलिए स्वीकृत डिजाइन, प्राक्कलन, साइट कंडीशन और मौके पर किए गए निर्माण के बीच सामंजस्य की तकनीकी जांच जरूरी हो गई है।
सूचना बोर्ड के अनुसार सड़क की लंबाई 3.74 किलोमीटर और अनुबंधित राशि 392.39 लाख रुपये है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का विभागीय स्तर पर स्पष्ट जवाब सामने आना जरूरी है। विशेष रूप से यह जांचना होगा कि मौके पर फाउंडेशन का निर्माण स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुरूप किया गया है या नहीं।
जांच के दौरान एसडीओ त्यागी, सरपंच-पंच तथा संबंधित निर्माण एजेंसी के इंजीनियर/प्रतिनिधि की मौजूदगी और हस्ताक्षर का उल्लेख जांच दस्तावेज में है। अब निगाह इस बात पर है कि विभाग इस तकनीकी आपत्ति पर क्या कार्रवाई करता है। 392 लाख रुपये की सड़क में शुरुआती निर्माण स्तर पर सामने आई फाउंडेशन संबंधी स्थिति ने गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।