कवर्धा , कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा और बोडला जनपद पंचायत में अध्यक्ष , उपाध्यक्ष का निर्वाचन हुआ जिसमें भारतीय जनता पार्टी दबदबा दिखाई दिया । बोड़ला जनपद पंचायत में निर्विरोध निर्वाचित हुआ वही सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए मतदान हुआ । जिसमें आपस में भारतीय जनता पार्टी समर्पित जनपद सदस्य लड़े । सहसपुर लोहारा में जिस तरह का माहौल देखने को मिला काफी चर्चा का विषय बना रहा।
बोड़ला में अध्यक्ष बालका, उपाध्यक्ष नन्द श्रीवास बने
जनपद पंचायत बोडला अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग (महिला) के लिए आरक्षित था । जिसके चलते भारी संख्या में दावेदार दिखाई दे रहे थे लेकिन संगठन के द्वारा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता होने के कारण रामकिनकर वर्मा की पत्नी बालका देवी को को सर्व सहमति से निर्विरोध चुना गया वही उपाध्यक्ष पद के लिए सक्रिय और उपमुख्यमंत्री के करीबी नन्द श्रीवास को भी सर्व सहमति से निर्विरोध चुना गया। जनपद पंचायत बोडला का विकास इनके हाथों में है । बोडला जनपद पंचायत में भारतीय जनता पार्टी के नीति रीति और अनुशासन देखने को मिला जो काफी चर्चा में हैं।
जनपद पंचायत बोडला में 25 सदस्य हैं।
सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष दुर्गा सिंह और अशोक पटेल उपाध्यक्ष
जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण उसी वर्ग के लोग दावेदारी कर रहे थे। निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी दिया । दुर्गा सिंह और जीवन बाई नेताम ने नामांकन दाखिल किया । जिसमें दुर्गा सिंह 17 मत प्राप्त करते हुए निर्वाचित हुई। उपाध्यक्ष पद के लिए दो लोगों ने नामांकन दाखिल किया जिसमें अशोक पटेल निर्वाचित होकर उपाध्यक्ष बने । सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत में कुल 25 सदस्य है।
सहसपुर लोहारा में हुआ हंगामा
सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान काफी गहमा गहमी का माहौल था। भारतीय जनता पार्टी समर्पित जनपद सदस्य अधिक थे जिसमें पार्टी के काफी वरिष्ठ लोग चुनाव जीत हासिल किया है। दुर्गा सिंह के नामांकन दाखिल करने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उसे अन्य पार्टी से चुनाव जीत कर हाल ही में पार्टी में शामिल होने को लेकर हंगामा कर रहे थे। उपाध्यक्ष चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी समर्पित दो लोगों ने नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़े । पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा लोगों में चर्चा चल रहा था कि भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी हावी है , इसलिए ऐसा हो रहा है जबकि भाजपा पार्टी अनुशासन और शीर्ष नेतृत्व के निर्देश का पालन करता है। बोड़ला , कवर्धा और पंडरिया में जो देखने को मिला ।



