कबीरधाम जिले में आज “सुशासन तिहार 2025” के पहले चरण का समापन एक अलग ही अंदाज़ में हुआ—जहां प्रशासन ने सत्ता के गलियारों से निकलकर सीधे जनता की चौपाल में दस्तक दी। बोड़ला विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू स्वयं पहुंचे और जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं, संवाद किया और आवेदन भी लिए।
यह दृश्य सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि एक बदलाव का प्रतीक था—जहां प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि कदमों में भी कम होती नजर आई। कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सुशासन तिहार शासन और नागरिकों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। हमारा लक्ष्य है पारदर्शिता और त्वरित समाधान।”
ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में पीएम आवास, जॉब कार्ड, पेयजल, सड़क और राजस्व जैसे मुद्दों पर आवेदन प्रस्तुत किए। इन आवेदनों को मौके पर ही संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान शिविरों के जरिए इन समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री साहू ने इस पहल को “जनभागीदारी आधारित शासन की नई मिसाल” बताते हुए कहा कि “हर पंचायत और नगरीय निकाय में समाधान पेटी स्थापित की गई है जिससे हर नागरिक अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुँचा सके।”
तीन चरणों में होगा समाधान:
1. प्रथम चरण (समाप्त) – नागरिकों से आवेदन प्राप्ति।
2. द्वितीय चरण (अप्रैल-अंत तक) – प्राप्त आवेदनों का निराकरण।
3. तृतीय चरण (5 से 31 मई) – समाधान शिविरों के माध्यम से प्रत्यक्ष समाधान।
इन शिविरों की जानकारी नागरिकों को SMS और पावती रसीदों के माध्यम से दी जाएगी। जिन समस्याओं का समाधान वहीं हो सकेगा, उन्हें मौके पर हल किया जाएगा, बाकी को एक माह के भीतर निपटाया जाएगा।
“सुशासन तिहार” अब सिर्फ एक आयोजन नहीं, एक आंदोलन बन रहा है—जहां सत्ता का स्वरूप जनसेवा में ढल रहा है, और प्रशासन का चेहरा जनहित में झुक रहा है।