आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय करार दिया। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल सत्ता की लालसा और तानाशाही प्रवृत्ति का परिणाम था, जिसने लोकतंत्र की मूल भावना को कुचल दिया।
उन्होंने कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मीडिया, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों को बर्बरतापूर्वक दबाया गया। श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वही तानाशाही मानसिकता आज भी बनी हुई है, जो न्यायपालिका में हस्तक्षेप, प्रेस पर दबाव और सोशल मीडिया पर सेंसरशिप के रूप में दिखती है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस से देश से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि जब तक वह आपातकाल को ऐतिहासिक भूल मानकर क्षमा नहीं मांगती, तब तक उसकी लोकतंत्र के प्रति निष्ठा पर सवाल उठते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने जन-जागरण और लोकतंत्र की सतर्कता पर बल दिया।
भाजपा इस दिन को “लोकतंत्र रक्षा दिवस” के रूप में मना रही है, ताकि नई पीढ़ी को 21 महीनों तक लोकतंत्र को कैद में रखने वाले उस दौर की सच्चाई से अवगत कराया जा सके।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, पंचायत प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक रामकुमार भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल ठाकुर और जिला महामंत्री संतोष पटेल भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने कांग्रेस की मानसिकता को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की।