कोयला व्यवसाय से जुड़े व्यापारी नरेन्द्र कुमार कौशिक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आज चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा तथा उप पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में की गई।
जांच में सामने आया कि मृतक नरेन्द्र कौशिक अपने चार साझेदारों—राजेश कोटवानी, संजय भट्ट, देवेन्द्र उपवेजा और सूरज प्रधान के साथ मिलकर अमिषा ट्रेडर्स नामक कोल डिपो का संचालन करता था। इन आरोपियों ने मृतक को व्यवसायिक गतिविधियों और कोयला व्यापार के हिसाब-किताब की जानकारी से वंचित रखते हुए लगभग 33 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया।
यह आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव नरेन्द्र कौशिक की आत्महत्या का कारण बना। मृतक ने 26 नवंबर 2024 को सुसाइड नोट लिखकर जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों और सायबर सेल से प्राप्त साक्ष्य के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित हुई।
पुलिस द्वारा आरोपियों के खातों, दस्तावेजों और मृतक के फर्म से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच के साथ ही 2 लोडर वाहनों की जब्ती की गई है। सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 195/2024, धारा 108, 3(5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया है।