कवर्धा की तपती दोपहरियों में अब राहत की ठंडी बूँदें मिलेंगी — इंसानों को भी और बेजुबान पशुओं को भी। नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने ग्रीष्मकालीन संकट को संवेदनशीलता से समझते हुए एक सराहनीय पहल की है। शहर के व्यस्त इलाकों में राहगीरों के लिए प्याऊ घर खोले गए हैं, जहाँ अब हर कोई निःशुल्क और शुद्ध ठंडा पेयजल प्राप्त कर सकेगा।
इसी के साथ नगर के विभिन्न स्थानों पर घूमते बेजुबान पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पानी की टंकियों की व्यवस्था की गई है। अध्यक्ष चंद्रवंशी ने पार्षदों के साथ स्वयं ज़मीन पर उतर कर इन स्थलों का निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि हर आवश्यक बिंदु पर यह सुविधा उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा, “गर्मी में हर जीवन को पानी की आवश्यकता होती है। यह केवल सुविधा नहीं, हमारी संवेदनशीलता और मानवता का प्रमाण है।” इस मुहिम में सभापति एवं पार्षद अजय सिंह ठाकुर, डोनेश राजपूत, दीपक सिन्हा, केशरीचंद सोनी, हर्ष खुराना और राकेश साहू भी मौजूद रहे।
गौ सेवा बनी नगर पालिका की संस्कृति
चंद्रवंशी जी ने विशेष रूप से गौमाताओं की चिंता करते हुए कहा, “नगर क्षेत्र में कोई भी गौमाता प्यास से व्याकुल न हो — यही हमारी संस्कृति और श्रद्धा की पुकार है।” इस विचार से प्रेरित होकर शहर के कई स्थानों पर गौवंश के लिए विशेष टंकियाँ लगाई गई हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों के सामने पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करें और इस पुण्य कार्य में भागीदार बनें।
संवेदनशील प्रशासन, सेवाभावी शहर
यह पहल न केवल सुविधा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक संदेश भी देती है — जब प्रशासन और नागरिक संवेदना के साथ मिलकर काम करते हैं, तब हर जीवन को राहत मिलती है।