भोरमदेव अभ्यारण्य में पदस्थ वनपाल हनुमान दास मानिकपुरी पर आदिवासी हितग्राहियों के नाम पर आई शासकीय राशि को अपने परिजनों के खातों में डालवाने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह मामला जामुनपानी सर्किल का है, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आदिवासी ग्रामीणों को रोजगार व विकास के लिए लाखों रुपये की राशि दी जानी थी। लेकिन वनपाल द्वारा इस राशि को लाभार्थियों तक पहुँचाने की बजाय अपने बेटे और बहू के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दिया गया।



