गोंड़ समाज सेवा समिति, कवर्धा में आर्थिक अनियमितता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष पूरन सिंह धुर्वे और पूर्व महासचिव संतोष सिंह धुर्वे पर 16 लाख 42 हजार 33 रुपए के गबन का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में समिति के वर्तमान जिलाध्यक्ष राजेश छेदावी की शिकायत पर कवर्धा कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
समिति की आय निजी खातों में जमा
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2024 तक समिति की कुल आय 16,42,033 रुपए थी, जिसे भारतीय स्टेट बैंक की कलेक्टर शाखा स्थित सामाजिक खाते में जमा न कर पूर्व पदाधिकारियों ने अपने निजी खातों में रखा। 14.75 लाख रुपए के खर्च का हवाला दिया गया, जिसे समाज ने मानने से इनकार कर दिया है।
कैश रखने पर आपत्ति, ऑडिट भी नहीं कराया गया
समिति की ओर से बताया गया कि 59,622 रुपए नकद ‘कैश इन हैंड’ बताया गया, जबकि समिति का बैंक खाता उपलब्ध था। इस पर समाज के लोगों ने आपत्ति जताई। वहीं आदिवासी मंगल भवन से प्रतिदिन 9500 रुपए और कोचिंग क्लास से प्रति माह 6000 रुपए की आय भी निजी खातों में ली गई। छह वर्षों का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से नहीं कराने पर भी समाज में असंतोष और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है।
सामाजिक चंदा भी निजी खातों में ट्रांसफर
वर्ष 2020 से 2024 तक विश्व आदिवासी दिवस जैसे आयोजनों के लिए लिया गया सामाजिक चंदा अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष और महिला अध्यक्ष के निजी फोन पे खाते में लिया गया।
सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष का चयन
समिति की आमसभा में 29 अप्रैल 2025 को 400 से 500 लोगों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से राजेश छेदावी को नया जिलाध्यक्ष चुना गया। छेदावी ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।