ब्लॉक की ग्राम पंचायत अल्दा में पूर्व सरपंच द्वारा एक निजी उद्योग को फर्जी तरीके से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम, तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी की संयुक्त जांच टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की।
ग्राम पंचायत अल्दा के नागरिकों ने पूर्व सरपंच पर मेसर्स बालाजी उद्योग को नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से एनओसी जारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। जांच टीम ने दस्तावेजों की समीक्षा के साथ वर्तमान सरपंच, पंचायत सचिव और ग्रामीणों से भी बयान लिए। पंचायत सचिव रंजीता वर्मा ने खुलासा किया कि सरपंच ने पंचायत का रजिस्टर सप्ताहभर अपने पास रखा था, और उसी दौरान उसमें हेरफेर कर उद्योग को एनओसी प्रदान किया गया।
ग्राम कोटवार रोहित चौहान ने बताया कि 22 अक्टूबर 2024 को हुई ग्राम सभा में ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। इसके बावजूद रजिस्टर में अंतिम पंक्तियों में कूट रचना कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया। जांच के दौरान पूर्व सरपंच उपस्थित नहीं थे, जिससे ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया।
वर्तमान सरपंच ने स्पष्ट किया कि ग्राम अल्दा में मेसर्स बालाजी उद्योग की स्थापना नहीं होने दी जाएगी क्योंकि यह गांव के किसानों के लिए समस्याएं खड़ी करेगा। ग्रामीणों ने कहा कि फर्जी एनओसी के कारण उन्हें अभी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरे प्रकरण ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।