जिला कबीरधाम के पंडरिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत दल्लापुर बाजार में वर्ष 2018 में नियुक्त की गई एक अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिये पद हथियाने का गंभीर आरोप सामने आया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शशि शर्मा पत्नी परमानंद ने स्वयं को गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वर्ग का बताकर नियुक्ति के लिए आवेदन किया, जबकि वह नीला राशन कार्डधारी है, जो कि BPL श्रेणी में नहीं आता। पद के लिए BPL वर्ग को प्राथमिकता दी जानी थी। आरोप यह भी है कि शशि शर्मा ने आवेदन के साथ किसी अन्य महिला सावित्री पति गंगाप्रसाद के नाम का राशन कार्ड संलग्न किया, जिसमें शशिलता पत्नी रामानंद का उल्लेख है — जिससे दस्तावेजों की असलियत पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से शशि शर्मा का चयन हुआ, जबकि दस्तावेज अधूरे और विरोधाभासी थे। जब जानकारी मांगी गई तो उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उसने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज प्राप्त कर पूरे मामले का खुलासा किया।
शिकायतकर्ता ने इस विषय में कलेक्टर कबीरधाम को शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है, साथ ही यह भी आग्रह किया है कि दोषी कर्मचारी को बर्खास्त कर उसकी जगह वास्तविक हकदार को नियुक्त किया जाए।
बताया जा रहा है कि यह शिकायत की प्रति मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत पंडरिया को 10 जून को सौंपी जा चुकी है। अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेता है या यह भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
बड़ा सवाल
क्या प्रशासनिक प्रक्रियाएं इतनी कमजोर हैं कि फर्जी दस्तावेज़ों से नियुक्ति संभव हो सके ।
क्या पात्र उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।
क्या जिला प्रशासन इस मामले को मिसाल बनाकर पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा ।