औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचान बना चुका जिला आज शराबखोरी की काली सच्चाई से जूझ रहा है। नगर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित सैकड़ों ढाबों में खुलेआम देशी और विदेशी शराब परोसी जा रही है। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से मंगाए गए विभिन्न ब्रांड की शराब इन ढाबों में धड़ल्ले से बिक रही है – वह भी बिना किसी वैधानिक लाइसेंस के।



