छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में स्थित पवित्र प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास बने एक आश्रम से योगगुरु तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया है। तपस्वी के भेष में छिपा यह आरोपी आश्रम की आड़ में गांजे का कारोबार, सेक्स टॉय और नशीली दवाओं की तस्करी चला रहा था। पुलिस ने आश्रम से करीब 2 किलो गांजा, नशीले इंजेक्शन, गोलियां, सेक्स टॉय और आपत्तिजनक वीडियो उपकरण जब्त किए हैं।
आरोपी तरुण खुद को 100 देशों में भ्रमण कर चुका ‘अंतरराष्ट्रीय योगगुरु’ बताता है और 10 से अधिक एनजीओ का डायरेक्टर होने का दावा करता है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गोवा में योग केंद्र के नाम पर पहले भी विदेशी पर्यटकों के साथ ऐसा ही नेटवर्क चला चुका है। वह अब डोंगरगढ़ में गोवा जैसी गतिविधियां बसाने की कोशिश में था।
पुलिस उसके पासपोर्ट, बैंक खातों, विदेशी फंडिंग और सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच में जुटी है। आश्रम में देर रात तक बाहरी लड़के-लड़कियों की आवाजाही और रेव पार्टी जैसे माहौल की भी पुष्टि हो रही है। मामला केवल नशे की तस्करी नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक आस्था पर भी गहरा प्रहार है।
जांच एजेंसियां आरोपी के विदेशी नेटवर्क और संभावित गिरोह की तलाश में सक्रिय हैं।