प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे संवेदनशील योजना में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की । रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा को हितग्राहियों से अवैध रूप से राशि वसूलने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त कर दिया गया है।
मामले की जानकारी के अनुसार, रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिओ टैगिंग और मस्टर रोल प्रस्तुत करने के बदले हितग्राहियों से धन की मांग की जा रही थी। इस संबंध में कई शिकायतें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कसडोल को प्राप्त हुई थीं। तत्पश्चात, एक प्राथमिक जांच गठित की गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुमोदन उपरांत रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा को संविदा सेवा से तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध अनियमितता की पुष्टि होने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।