छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गरमाई अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा ही सधा हुआ लेकिन तंज भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कुछ न कुछ पद तो खाली होते ही हैं… जब ज़रूरत होगी, मुख्यमंत्री तय करेंगे। अभी मंत्रिमंडल बना है, सब ठीक चल रहा है। इतनी छटपटाहट क्यों? किसी को छटपटाने की जरूरत नहीं।”
लेकिन राजनीतिक बयान से हटकर, गृहमंत्री के तौर पर शर्मा का एक और बड़ा ऐलान चर्चा में है — पंचायत स्तर पर घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए सरकार ‘पलायन पंजी’ या ‘श्रमवीर पंजी’ लाने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 16 तरह की पंजियां पंचायतों में रखी जाती हैं, अब एक नई पंजी के ज़रिए गांव में पहले से रह रहे लोगों और बाद में आकर बसे लोगों की अलग-अलग सूची बनेगी।
शर्मा ने कहा, “गांवों में भी अब घुसपैठियों की संख्या बढ़ रही है, उन्हें चिन्हित करना जरूरी है।” यानी अब सिर्फ सीमाएं ही नहीं, गांव की चौपालें भी चौकस रहेंगी। पंचायत स्तर पर माइग्रेशन मॉनिटरिंग का यह प्रयोग देश में एक अनोखा मॉडल बन सकता है।