छत्तीसगढ़ के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार की लाश तमनार के सिसरिंगा जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई। जयपाल सिंह 7 जुलाई से लापता थे। बुधवार को ग्रामीणों को जंगल में उनका शव दिखा, जिसकी सूचना उन्होंने तत्काल पुलिस को दी।
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के लिए पहुंचे और कई जांच टीमें गठित की गई हैं। शव की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसके बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
लापता होने के बाद से परिजनों में छाई थी बेचैनी
7 जुलाई को जयपाल सिंह बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद से लापता थे। लगातार खोजबीन के बावजूद जब पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला तो पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार ने जयपाल का पता बताने वाले को ₹21,000 का इनाम देने की घोषणा की थी।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। लोगों ने सवाल उठाए कि जब एक पूर्व विधायक के भाई की गुमशुदगी में भी पुलिस नाकाम रही, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। हत्या की आशंका को लेकर जांच तेज कर दी गई है। यह मामला पुलिस प्रशासन की सतर्कता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।