कवर्धा जिले के ग्राम अचानकपुर निवासी माखनलाल यादव द्वारा आत्महत्या करने की घटना ने अब प्रदेशभर में तूल पकड़ लिया है। इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। घटना के बाद सर्व यादव समाज के प्रदेश एवं जिला स्तरीय प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की।
परिजनों और पंचायत प्रमुखों ने समाज के नेताओं को बताया कि मृतक माखनलाल यादव के भाई गोपाल यादव को चोरी की चांदी के जेवर से जुड़ी जानकारी देने पर पुलिस ने थाने बुलाकर बुरी तरह पीटा, जिससे माखनलाल मानसिक रूप से टूट गया और उसने आत्महत्या कर ली। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब गोपाल यादव को संदेह हुआ कि एक व्यक्ति चोरी की चांदी के जेवर सस्ते में बेच रहा है। गोपाल ने उन जेवरात की तस्वीरें व्हाट्सएप पर साझा कर दीं। इसके बाद पुलिस ने चांदी बेचने वाले व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया, जिसने पूछताछ में गोपाल का नाम भी लिया। फिर गोपाल यादव को थाने बुलाकर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया।
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इस घटना से आहत होकर माखनलाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। 31 जुलाई को एसडीओपी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और बताया कि आरोपी पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया गया है। आगे की सहायता के लिए शासन से निवेदन किया जाएगा।
सर्व यादव समाज ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे समाज के लिए अपमानजनक बताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया है कि अब 4 अगस्त को न्यायिक जांच की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशभर से यादव समाज के लोग कवर्धा जिला मुख्यालय में विशाल धरना देंगे।
इस घटना को लेकर समाज के भीतर तीव्र आक्रोश है और बुद्धिजीवी वर्ग ने इसकी कड़ी निंदा की है। इस संबंध में आयोजित बैठक में सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदू, मुंगेली जिलाध्यक्ष धनीराम यादव, कवर्धा जिलाध्यक्ष राकेश यदू, कार्यवाहक अध्यक्ष ओम यदू, पूर्व प्रत्याशी संतोष यादव, महामंत्री प्रकाश यादव, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अजय यादव (पुतकी कला), सरपंच हिरामणी ग्वाला एवं झेरिया यादव समाज अध्यक्ष धनीराम यादव समेत कई प्रतिनिधि शामिल हुए।