कवर्धा, वन संपदा की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कवर्धा वन विकास निगम ने पंडरिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बदौरा बीट में 9 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
वन विकास निगम कवर्धा परियोजना मण्डल के मंडल प्रबंधक पिताम्बर साहू के निर्देशन एवं उप मण्डल प्रबंधक दीपिका सोनवानी के मार्गदर्शन में गठित टीम ने बदौरा बीट के कक्ष क्रमांक PF/1428 में वर्ष 2025 के सागौन वृक्षारोपण क्षेत्र में अतिक्रमण की सूचना मिलते ही तत्काल संयुक्त कार्रवाई की।
परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मेहरा की अगुवाई में सहायक परियोजना क्षेत्रपाल देवसिंह भारद्वाज, क्षेत्ररक्षक दिनेश वर्मा, जसपाल सिंह मरकाम और विनायक मानव मरावी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पाया कि ग्राम बदौरा के कुछ व्यक्तियों ने वृक्षारोपण क्षेत्र में पौधों को उखाड़ते हुए वन भूमि पर कब्जा कर खेती का प्रयास किया था।
जांच उपरांत राजू (35), लालु (37), जगदीश और भगवती (सभी निवासी ग्राम बदौरा) के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1) (क, ख, ग, घ, ज), लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 व 4, तथा संरक्षित वन अधिनियम 1960 की धारा 3(ए) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय ने सभी आरोपियों को 24 अक्टूबर 2025 तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया है।
वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की सुरक्षा, वृक्षारोपण क्षेत्र की रक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निगम सतत सतर्क है। भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण के प्रति सरकार और वन विकास निगम की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम राज्य में वन भूमि की अवैध कब्जेदारी पर मजबूत नज़ीर साबित हो सकता है।



