छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर सुशासन और पारदर्शी प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।
मुख्य महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के तहत जिला कबीरधाम में खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया को कार्यालय प्रमुख घोषित करते हुए आहरण एवं संवितरण अधिकारी का अधिकार प्रदान किया गया है। यह अधिकार 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
यह निर्णय वित्त विभाग एवं लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बीच समन्वित और पारदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, बजट उपयोग, भुगतान प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि –
“हमारा लक्ष्य है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और निष्पक्ष रूप से जनता तक पहुँचे। इसके लिए वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है।”
राज्य शासन की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली प्रशासनिक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम छत्तीसगढ़ को वित्तीय प्रबंधन और स्वास्थ्य प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।