सरकारी योजनाओं की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक शर्मनाक मामला कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र से सामने आया है। स्कूल परिसर में खुलेआम नोट उड़ाने का वीडियो वायरल होने के बाद जनपद पंचायत सोनहत के रोजगार सहायक जिंदरसाय सोनवानी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब 24 जनवरी 2026 को प्रिंट मीडिया में “स्कूल परिसर में मर्यादा भूला तंत्र, रोजगार सहायक ने उड़ाए नोट” शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ। वायरल वीडियो में रोजगार सहायक का कृत्य प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-03 के तहत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में पाया गया, जिसे लोक सेवक के आचरण के सर्वथा विपरीत माना गया है।
प्रकरण में जनपद पंचायत सोनहत द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया, लेकिन प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक मानते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 एवं आचरण नियम 1965 के तहत कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कृत्य न केवल शासकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे शासन की साख और ग्रामीण रोजगार योजनाओं की विश्वसनीयता को भी गहरी ठेस पहुंची है। यह मामला सरकारी पदों पर बैठे कर्मियों की जवाबदेही और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आदेश के अनुसार, बर्खास्तगी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।