धान उठाव में लापरवाही नहीं चलेगी: हर उपार्जन केंद्र का अनिवार्य भौतिक सत्यापन ट्रकों की संख्या बढ़ाकर समय पर धान उठाव पूरा करने कलेक्टर के सख्त निर्देश
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों का गंभीर और विस्तृत भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। समय-सीमा की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम भौतिक सत्यापन अगले शनिवार तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि शासन को समय पर सटीक रिपोर्ट भेजी जा सके। कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केंद्रों के स्टॉक पंजी, कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज प्रविष्टियों और वास्तविक धान भंडारण का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए। सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय होगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष केवल 15 प्रतिशत धान ही संग्रहण केंद्रों को भेजा जाना है, इसलिए मिलरों द्वारा धान उठाव में तेजी लाने के लिए कड़ी निगरानी की जाए और परिवहन हेतु ट्रकों की संख्या बढ़ाई जाए।
बैठक में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए 10 से 12 फरवरी तक बूथों में दवा वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देकर अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए गए।
एसआईआर से जुड़े नो मैपिंग, लॉजिकल रीजनिंग और दावा-आपत्ति मामलों का निराकरण 12 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं गिरौदपुरी मेला की तैयारियों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने को भी प्राथमिकता में रखा गया। राजस्व मामलों की समीक्षा में 1 से 5 वर्ष से लंबित प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम सचिवालय, सीपीग्राम्स और कलेक्टर जनदर्शन से जुड़े आवेदनों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बलौदा बाजार जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, एसडीएम, जनपद सीईओ और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।