भूमि संबंधी बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए सरगांव पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर छगनलाल वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन का फर्जी नामांतरण कर करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी सुनील छाबड़ा (63 वर्ष), निवासी वीआईपी कॉलोनी बिलासपुर, ने थाना सरगांव में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे डी.आर.एस. फार्म्स के पार्टनर हैं और भूमि संबंधी व्यवसाय करते हैं। वर्ष 2022 में आरोपी छगनलाल वर्मा से भूमि संबंधी राजस्व कार्यों के लिए इकरारनामा किया गया था, जिसके तहत नामांतरण, सीमांकन व अन्य प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई थी।
जांच में सामने आया कि ग्राम मदकू स्थित खसरा नंबर 245/2, 257 एवं 750/2 कुल रकबा 0.3380 हेक्टेयर भूमि का 8 मई 2023 को पंजीयन कराया गया। जबकि उक्त भूमि पूर्व में 15 जुलाई 1975 को जॉन एन्ड्रेस द्वारा खरीदी जा चुकी थी, परंतु नामांतरण लंबित था। इसी तथ्य का फायदा उठाकर आरोपी ने भूमि स्वामी फिरंता दास पात्रे के साथ मिलकर दोबारा पंजीयन करवा दिया।
पुलिस जांच में यह भी उजागर हुआ कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। विक्रयनामा में स्वयं साक्षी बनकर प्रतिफल राशि प्राप्त करना भी स्वीकार किया है। मामले में कुल 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है।
थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 41/26 के तहत धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी विक्रयनामा की सत्यापित प्रति एवं फर्जी आधार कार्ड जब्त किया है।
31 मार्च 2026 को आरोपी छगनलाल वर्मा (51 वर्ष), निवासी बलौदाबाजार, को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
भूमि लेन-देन में इस तरह के सुनियोजित फर्जीवाड़े से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।