भोरमदेव पदयात्रा इस वर्ष केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त मंच बनकर उभरी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पदयात्रा स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए आकर्षक ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सेल्फी जोन का अवलोकन कर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति समाज को सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं, युवाओं और बच्चों से आह्वान किया कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी मिलकर समान अवसर और सम्मान का वातावरण तैयार करें।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अभियान के प्रभावी प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से तैयार किए गए इस सेल्फी जोन को भोरमदेव मंदिर की पारंपरिक कलाकृति, बांस, सुपा-टोकरी तथा अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से सजाया गया था। स्थानीय संस्कृति और सामाजिक संदेश का यह सुंदर समन्वय श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सेल्फी जोन में फोटो खिंचवाकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए सभी से बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने का आग्रह किया।
भोरमदेव पदयात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सामाजिक सरोकारों को जोड़ने की यह पहल लोगों के बीच व्यापक सराहना का विषय बनी। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय ने इस आयोजन को नई पहचान दी। यह प्रयास न केवल श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि बेटियों के सशक्त भविष्य के प्रति समाज की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी प्रभावी ढंग से सामने लाने में सफल साबित हुआ।