जिले में मवेशियों के अवैध और क्रूरतापूर्वक परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणवीरपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 मवेशियों को कथित रूप से बिना चारा-पानी के मारते-पीटते हुए परिवहन किए जाने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मवेशियों के परिवहन में प्रयुक्त माजदा वाहन समेत कुल 2.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार 14 सितंबर 2026 को रणवीरपुर मेन रोड के सामने कार्रवाई की गई। इस दौरान मवेशियों को क्रूरतापूर्वक वाहन में ले जाते पाए जाने पर वाहन को रोककर तीन आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से 11 नग मवेशी बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है। वहीं परिवहन में प्रयुक्त माजदा वाहन क्रमांक सीजी-07-सीए-6546 की अनुमानित कीमत दो लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश चंद भट्ट, निवासी तेन्दुभाठा, हिरेन्द्र कुमार लोधी, निवासी तेन्दुभाठा और कृष्णा कुमार साहू, निवासी घोटवानी, थाना साजा, जिला बेमेतरा शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 137/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण संशोधन अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
मवेशियों के परिवहन को लेकर कड़े कानूनी प्रावधान होने के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। कार्रवाई के बाद भी यदि पशुओं को कथित रूप से चारा-पानी के बिना और क्रूरतापूर्वक ले जाने की घटनाएं जारी रहती हैं, तो प्रभावी निगरानी और लगातार कार्रवाई की जरूरत साफ दिखाई देती है।
कार्रवाई में रणवीरपुर चौकी प्रभारी सिकंदर कुर्रे के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक छुनकु राम नेताम, प्रधान आरक्षक इंद्र कुमार साहू, आरक्षक मालिक राम छेदवी, जितेंद्र सिंह और विनोद मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।