कवर्धा। लिव-इन पार्टनर पर शादी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने तथा कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना देने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने अमीना ताज को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला पर युवक आलोक दुबे को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 413/2026 के तहत धारा 108 बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई 2026 को सुमुख दुबे ने सूचना दी थी कि अमीना ताज ने मोबाइल फोन के माध्यम से उसके भाई आलोक दुबे द्वारा फांसी लगाए जाने की जानकारी दी है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया। मामले में मर्ग क्रमांक 75/2026 के तहत जांच शुरू की गई।
मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों एवं गवाहों के कथनों का परीक्षण किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप तथा आरोपी महिला के तीन मोबाइल फोन जब्त किए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी लगाने से दम घुटना और मृत्यु की प्रकृति आत्महत्या होना बताया गया। सीन ऑफ क्राइम यूनिट की जांच में भी फांसी लगाने से मृत्यु की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है।
जांच में पुलिस के अनुसार यह सामने आया कि आलोक दुबे करीब चार वर्षों से अमीना ताज के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। आरोप है कि अमीना ताज द्वारा आलोक पर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, विवाह नहीं करने पर बलात्कार के मामले में फंसा देने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस जांच के अनुसार, इसी कथित दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर आलोक दुबे ने 29 जुलाई को दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच आरोपी के किराये के मकान के बैठक कक्ष में वेंटिलेशन से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मर्ग जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का अपराध पाए जाने पर 23 सितंबर को धारा 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद 24 सितंबर को अमीना ताज को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की विवेचना जारी है।