कवर्धा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नगर के स्वच्छता, सुंदरता और विकास को लेकर आज नगर पालिका सभाकक्ष में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने मिलकर नेतृत्व किया। इस अभूतपूर्व बैठक में नगर के कथावाचकों, मंदिरों के पुजारियों और ब्राह्मण समुदाय के विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे विशेष और प्रभावशाली बना दिया।
“संस्कारों के बिना समाज अधूरा” – विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “कवर्धा की सुंदरता केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और धार्मिक नेतृत्व की सक्रिय भूमिका से ही संभव है।” उन्होंने कहा कि संस्कारों के अभाव में न उचित-अनुचित का भेद संभव है, न समाज का निर्माण। उन्होंने मंच पर उपस्थित धार्मिक गुरुओं को नमन करते हुए आह्वान किया कि “आप सभी जब आगे आएंगे, तो समाज स्वतः आपके पीछे चलेगा।”
“धार्मिक नेतृत्व के साथ बदलेगा कवर्धा” – चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने इस पहल को “पवित्र संकल्प” करार देते हुए कहा, “आज का दिन हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है, जब ब्राह्मण समाज और धार्मिक विद्वतजन एकजुट होकर कवर्धा के विकास के लिए संकल्पबद्ध हो रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक अभियान नहीं, “हमारी संस्कृति, हमारी पहचान” है। जब धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व जागरूक होगा, तो हर मोहल्ले में स्वच्छता की चेतना फैल जाएगी। अध्यक्ष ने उपस्थित विद्वानों से आग्रह किया कि वे समाज को स्वच्छता का संदेश दें और प्रत्येक रविवार को नगर की सफाई हेतु होने वाले अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विद्वानों के सुझावों ने दिए अभियान को नई दिशा
बैठक में उपस्थित ब्राह्मण समाज के गणमान्य जनों ने कवर्धा के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे, जिनमें शामिल हैं:
कचरा निष्पादन हेतु अलग-अलग संग्रह व्यवस्था,
गोबर के संग्रहण के लिए विशेष कचरा वाहन,
वृहद वृक्षारोपण अभियान,
संस्कृत विद्यालय की स्थापना,
युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में पहल,
मानस भवन हेतु भूमि आवंटन,
और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु ठोस कदम।
नगर प्रशासन ने इन सुझावों को गंभीरता से लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
संकल्प: हमारा शहर, हमारी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया:
“हम सभी मिलकर कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाएंगे। यह केवल हमारा शहर नहीं, यह हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारे भविष्य की नींव है।”
📌 मुख्य आकर्षण
धार्मिक और प्रशासनिक नेतृत्व की ऐतिहासिक संगठित पहल
हर रविवार को नगर में सफाई अभियान
प्राकृतिक संसाधनों, युवाओं और संस्कारों के संरक्षण पर जोर
‘स्वच्छ कवर्धा मिशन’ को सामूहिक जन आंदोलन में बदलने की तैयारी
यह आयोजन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि कवर्धा के उज्जवल भविष्य की नींव है। अब यह शहर केवल दीवारों और सड़कों का नाम नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनने जा रहा है।
> “कवर्धा बदलेगा, जब हर नागरिक इस बदलाव का हिस्सा बनेगा।”