कबीरधाम कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (महात्मा गांधी नरेगा) गोपाल वर्मा (भा.प्र.से.) ने नरेगा के तहत नियुक्त संविदा एवं मानदेय अधिकारियों/कर्मचारियों से किसी भी प्रकार का गैर-नरेगा कार्य कराए जाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। 8 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा प्रशासकीय मद से भुगतान तभी वैध है, जब संबंधित कर्मी पूर्णकालिक रूप से केवल नरेगा योजना के क्रियान्वयन में संलग्न हों।
केंद्र एवं राज्य शासन के पूर्ववर्ती निर्देशों का हवाला देते हुए आदेश में कहा गया है कि अनुबंध की शर्तों के विरुद्ध अन्य विभागों/शाखाओं का कार्य लेना नियमों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में वेतन/मानदेय भुगतान पर प्रश्न खड़े होते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है।
कलेक्टर ने समस्त अनुविभागीय अधिकारियों (रा.) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नरेगा स्टाफ को योजना से इतर कोई अतिरिक्त दायित्व न सौंपें तथा संलग्न निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। यह आदेश नरेगा के पारदर्शी, प्रभावी और पूर्णकालिक क्रियान्वयन की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिसका प्रभाव राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करेगा।