BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाक्राइमछत्तीसगढ़समाचारसिटी न्यूज़

धरमगढ़ उपार्जन केंद्र में 37 लाख का धान घोटाला उजागर फर्जी खरीदी, कम वजन और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी, समिति प्रबंधक व ऑपरेटर पर एफआईआर की तैयारी

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow

कवर्धा। जिले के धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के नाम पर बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की जांच में करीब 1200 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी सामने आई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 37 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले के सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच में दस्तावेजों और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर मिलने के बाद समिति प्रबंधक और ऑपरेटर पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

जिले में उपार्जन केंद्रों की लगातार हो रही जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति पहुंची थी। मौके पर धान के स्टॉक, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसने पूरी खरीदी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि धान के बोरे का वजन निर्धारित मानक से बेहद कम पाया गया। एक बोरे का वजन मात्र 24.800 किलोग्राम निकला, जबकि नियमानुसार बोरे का वजन इससे कहीं अधिक होना चाहिए। इससे साफ संकेत मिला कि खरीदी और भंडारण प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद धान के स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान किया तो कागजों में दर्ज मात्रा और वास्तविक उपलब्धता में भारी अंतर मिला।

सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री कर धान खरीदी दर्शाई गई। करोड़ों की सरकारी खरीदी व्यवस्था में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन अब जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

मामले में समिति प्रबंधक ललित सेंगर और ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों की मौजूदगी में जांच की गई और मौके पर पंचनामा तैयार किया गया। खाद्य विभाग ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दिया है। अब संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

जांच दल में खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी, अनामिका ठाकुर, निधि वर्मा और सहकारिता निरीक्षक प्रवेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।

धरमगढ़ समिति में सामने आए इस मामले ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों के नाम पर चल रही खरीदी प्रक्रिया में अगर इस तरह फर्जीवाड़ा होता रहा तो शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और दोषियों पर क्या दंडात्मक कदम उठाए जाते हैं।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

कवर्धा में अवैध पानी प्लांट पर छापा: 2016 बोतलें सीज, फर्जी लाइसेंस से चल रहा था कारोबार

Bhuvan Patel

नगर पालिका कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

Bhuvan Patel

09 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत: समझौते से सुलझेंगे हजारों प्रकरण

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!