BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

कबीरधाम जिले के उचित मूल्य की दुकानों में चावल की हेराफेरी, बीस तारिक की बाद खुलता है दुकान

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
कवर्धा ,सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले में लगभग पांच सौ उचित मूल्य की दुकानें संचालित है। जहां से राशनकार्ड धारियों को चावल , शक्कर, चना ,नमक और मिट्टी तेल किफायती दर पर वितरण किया जाता है । दुकान को नियमित रूप से खोलने के लिए कलेक्टर ने निर्देश भी जारी किया है बावजूद जिले के राशन दुकान निर्धारीत समय पर नही खुलता । जिसके चलते राशनकार्ड धारियों को समय पर सामग्री नही मिल पाता । दुकानों की नियमित निरीक्षण के लिए खाद्य निरीक्षक की भी न्युक्ति किया गया है बावजूद दुकान नही खुलता और हितग्राहियो को नियमानुसार सामग्री भी वितरण नही किया जाता ।
निर्धारीत समय पर नही खुलता राशन दुकान
कबीरधाम जिले में चार विकासखण्ड है । जिसमे 496 ग्राम पंचायत है और नगरीय निकाय भी है। इन सभी को मिलकर लगभग पांच सौ से ऊपर उचित मूल्य की दुकानें जिला में संचालित है । कई जगहों पर एक ही विक्रेता दो या तीन दुकानों में राशन सामग्री का वितरण करता है जिसके चलते माह में तीन या चार दिन ही दुकान खुल पाता है। जिसके चलते राशनकार्ड धारियों को चावल शक्कर चना नमक नही मिलता । विभागीय वेबसाइट में जानकारी वितरण की आनलाइन देखा जा सकता है । इसकी जानकारी जिम्मेदारों को भी है बावजूद नियमित दुकान नही खुल पाता।
उचित मूल्य की दुकानों में चावल का स्टॉक कम
उचित मूल्य की दुकानों का संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वा सहायता समूह , सेवा सहकारी समिति, सरपंच ग्राम पंचायत, वन सुरक्षा समिति के द्वारा किया जा रहा है। जिले के कुछ दुकानों में चावल की हेरा फेरी किया गया है । दस्तावेज में जितना राशन सामग्री उपल्ब्ध है उतना गोदाम में नही है ।जिसके चलते राशनकार्ड धारियों को सामग्री सही समय पर उपलब्ध नही हो रहा है। इसकी जानकारी सभी जिम्मेदार अधिकारियो कर्मचारियों को भी है बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया जा रहा है। जो समझ से परे हैं। उन दुकानदारों को केवल नोटिस थामकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे हैं। जिले में संचालित दुकानों का भौतिक सत्यापन कराने की आवश्यकता है।
विक्रेता अगले माह के आबंटन का करते है इंतजार
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी उचित मूल्य की दुकानों का संचालन सुचारू रूप से करने के लिए शासन के द्वारा आगामी माह का आबंटन चालू माह के दस तारिक को कर दिया जाता है। जारी आबंटन को परिवहन कर्ता के द्वारा माह के अंतिम तिथि तक संबंधित दुकान में भंडारित कर देता है जिससे माह लगाते ही कार्ड धारियों को सामग्री वितरण किया जा सके लेकिन जिन राशन दुकान में चावल की हेरा फेरी के चलते स्टॉक कम है उनके द्वारा आगामी माह का भंडारित सामग्री को मौजूदा माह में वितरण किया जा रहा है। जो भी उचित मूल्य की दुकानें 15 तारिक की बाद खुलता है वहां के संचालक आगामी माह का चावल को वितरीत करता है ।
जिम्मेदारों को है जानकारी बावजूद मौन
संचालित उचित मूल्य की दुकानों में कितना राशन सामग्री कम है उसकी जानकारी जिम्मेदारों को भी है बावजूद उन पर कार्यवाही करने के बजाए संरक्षण दिया जा रहा है और उनसे मोटी रकम लेकर उनको बचाया भी जा रहा है । अधिकारियो के पास शिकायतें आने के बावजूद संचालकों को संरक्षण दिया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व सहसपुर लोहारा मुख्यालय सहित अन्य दुकानें की गड़बड़ी की जानकारी सोसल मीडिया पर वायरल हो रहा था इसी प्रकार पंडरिया विकासखंड में कार्ड धारियों को कनकी और बोड़ला में तो दुकान संचालक ने प्रति कार्ड तीन से चार किलो कम चावल देने की जानकारी भी खूब सुर्खियों में रही है। कवर्धा विकासखंड भी कोई अछूता नहीं है ।
भौतिक सत्यापन की आवश्यकता
राशन की चोरी रोकने के लिए तरह तरह की योजनाएं बनाई गई है लेकिन चोर उसका तोड़ निकल ही लेता है। चोरी रोकने के लिए सभी उचित मूल्य की दुकानों में सी सी टी वी कैमरा लगाने की आदेश जारी हुआ अब पौष मशीन लगाया गया है। जिसमे हितग्राहियों के निर्धारीत मात्रा से कम और ज्यादा सामग्री नही दे सकते लेकिन दुकानदार इसका भी विकल्प निकल लिया है और सर्वर का बहाना बनाकर दुकान में दो माप तौल करने काटा लगा लिया है। जिले के उचित मूल्य की दुकानों में टीम बनाकर भौतिक सत्यापन कराने से अनेक प्रकार की अनियमितताएं उजागर होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक जहर ! पत्रकारों पर भद्दी टिप्पणी से मचा बवाल, FIR की मांग

Bhuvan Patel

पंच परिवर्तन से समाज सुधार एवं राष्ट्र निर्माण का आह्वान – अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख

Bhuvan Patel

अभयारण्य में चीतल की मौत पर गहराई जांच — दो वनकर्मी निलंबित, शिकारियों की गतिविधियों पर भी उठे सवाल

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!