कवर्धा , जंगल की अवैध कटाई और लकड़ी माफियाओं के बढ़ते हौसले एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं, जब पंडरिया नगर के दो स्थानों से बड़ी मात्रा में अवैध सागौन काष्ठ बरामद की गई। यह कार्यवाही भले ही सफल मानी जा रही हो, लेकिन यह भी स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं विभागीय निगरानी और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ही यह अवैध व्यापार फल-फूल रहा है।
दिनांक 19 अप्रैल 2025 को पंडरिया पूर्व एवं पश्चिम वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने नगर के वार्ड क्रमांक 01, समरूपारा में भागीरथी सत्यम के निवास स्थान पर दबिश दी, जहाँ से सागौन प्रजाति के 253 नग (1.205 घन मीटर) काष्ठ, जिसकी कीमत लगभग रु. 93,382, है, अवैध रूप से संग्रहित पाए गए। वहीं दूसरी कार्यवाही में सतीश नगर स्थित राहुल बंजारे के निवास से 05 नग (0.013 घन मीटर) सागौन काष्ठ, जिसकी कीमत रु. 912 बताई गई, जब्त की गई।
हालांकि यह कार्यवाही सुयश धर दीवान (उपवनमण्डलाधिकारी, पंडरिया) के निर्देशन में की गई, परन्तु यह प्रश्न भी उठता है कि इतने बड़े स्तर पर काष्ठ का अवैध संग्रह कैसे और कब हुआ, जबकि वन विभाग की चौकसी का दावा लगातार किया जाता रहा है ।
लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारियों की अनदेखी या सांठगांठ के बिना इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कटाई और संग्रहण संभव नहीं है। यह भी चिंताजनक है कि बरामद लकड़ी की कीमत लाखों में है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जंगल से लकड़ी माफिया लगातार जंगलों को खाली कर रहे हैं, और विभाग या तो मूकदर्शक है या फिर भागीदार।
वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20039/25 और 20719/01 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच प्रक्रिया जारी है। इस बीच जनहित में यह माँग उठ रही है कि न केवल माफियाओं पर, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि जंगलों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब यह देखना होगा कि क्या यह कार्यवाही केवल ‘कागज़ी कार्रवाई’ बनकर रह जाएगी या वास्तव में दोषियों तक पहुँचेगी कानून की पहुँच।