0 चिल्फी घाटी के जंगलों में रोज पानी लेकर पहुंचता है यह दूध व्यवसायी
कवर्धा,
जहाँ एक ओर लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडे कमरे और शीतल पेयों का सहारा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कबीरधाम जिले की चिल्फी घाटी में एक व्यक्ति ऐसा भी है, जो हर दिन तपती धूप में जंगलों की ओर निकलता है — सिर्फ इसलिए कि बेजुबान जानवरों को प्यास से तड़पना न पड़े।
ग्राम नेउरगांव कला निवासी गजानंद यादव, जो पेशे से दूध व्यवसायी हैं, रोजाना बोड़ला से धवईपानी तक दूध पहुंचाने जाते हैं। लेकिन उनका काम सिर्फ दूध बांटना नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे बढ़कर है। वापसी के रास्ते में वे अपने वाहन में पानी के ड्रम भरकर चिल्फी घाटी के सूखते जलस्रोतों में जाकर वानरों और अन्य जंगली जीवों के लिए पानी भरते हैं।
गजानंद बताते हैं, “गर्मियों में यहां के पहाड़ों के झरने और छोटी नदियाँ सूख जाती हैं। पानी की तलाश में बंदर और अन्य जानवर सड़क किनारे आ जाते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी होती हैं। मैंने सोचा कि जब मैं रोज इस रास्ते से ही जाता हूँ, तो क्यों न इनके लिए कुछ किया जाए।”



